🌹मां 🌹
मां सब याद आता है मुझे....
खुद गीले में सोकर, मुझे सूखे में सुलाना
गिर ना जाऊं कहीं,
इसलिए रात भर चौकसी भी करना,
मां सब याद.....
वो ममता का आंचल, वो प्यारी सी लोरी
हाथ में तेरे रात भर, वो झूले की डोरी,
मां सब याद ........
उंगली पकड़कर चलाना, फिर छोड़ देना,
खुद से चलने पर
तेरा खुशी से पागल हो जाना,
मां सब याद है......
प्यार से काजल का टीका लगाना
और दुनिया की बुरी नजर से बचाना,
मां सब याद......
मिट्टी में खेलने पर बहुत डांट लगाना
फिर पल्लू से मिट्टी पोंछ, हाथ धुलाना,
मां सब याद.....
झगड़ा ना करना, ऐसी हिदायतें देना
और झगड़ा करु तो अपने पीछे छुपाना,
मां सब याद....
खुद जोर की फटकार लगाना
पर बाबूजी की डांट से मुझको बचाना,
मां सब याद.... ।
बालों में प्यार से तेल मालिश भी करना
बाल बनाकर एक प्यारी सी पप्पी भी देना,
मां सब याद.....
गलती पर पिटना और आंखें दिखाना
उन्हीं आंखों से फिर अकेले में आंसू बहाना,
मां सब याद.......
मिट्टी के चूल्हे की गरम गरम रोटी खिलाना,
सबको खिलाकर खुद बाद में खाना,
दाल में तेरा वो घी का डालना,
मां सब याद.......
जरा देर हो जाये आने में मुझको
तो बेवजह तेरा ढेरों चिंताएं करना,
मां सब याद.......
परीक्षा मेरी में तेरा रात रात भर जागना
हर दो घंटे में तेरा कॉफी बनाना,
मां सब याद.....
हर पेपर में भगवान से प्रार्थना भी करना
पास होने पर सबको ख़ुशी से बताना
मिठाई मंगाना और सबको खिलाना,
मां सब याद......
रोशनी बनके मेरी, राह के अंधेरे हटाना
खुद ठहर धरा पर, मुझे आसमां दिखाना,
मां सब याद.......
तुझे छोड़कर मेरा विदेश जाना
दिल में रोना पर मुझे ना दिखाना,
मां सब याद....
मेरी मौत से तेरा हर पल झगड़ना
हर क्षण ईश्वर से प्रार्थना भी करना,
मां सब याद.......
जानता हूं मैं तेरी परछाई हूं मैं
पल पल हर पल तेरे करीब हूं मैं
इसलिए सब याद........
तेरी सारी मेहरबानियां
दिल से महसूस करता हूं मै
क्योंकि मां आज भी
सब याद आता है मुझे.........
🔸 इंदु आचार्य🔸
08/05/2021 (pc-- Internet)