Wednesday, 28 April 2021

खुशी का राज

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हर कोई पूछता  है, मेरी खुशी का राज
कहता है बता दो हमें भी, 
यह हर पल तुम्हारे मुस्कुराने का राज, 
तकलीफ में भी खुश कैसे रह लेते हो ?
हर वक्त मुस्कुराहट के साथ
बड़े बड़े गमों को भी पीते देखा है तुम्हें
कभी शिकन भी नहीं आईं चेहरे पर
हर बार तुम्हारी तकलीफों के आगे 
तुम्हारी मुस्कान ढाल बनकर खड़ी मिली
हद्द हो गई अब तो, जरा हमे बता भी दो
राज पर से अब पर्दा हटा भी दो
बहुत अच्छा नुस्खा लगता है, 
हम भी आजमाकर देखेंगे
हमने कहा, सुनो हमारा राज
खुशी को कहीं ढूंढने जाओ मत,
खुद स्त्रोत बन जाओ उसके
फिर तुम्हारे दुख तो क्या,
गम का लेशमात्र भी पास नहीं फटकेगा
साथ ही तुम्हारी मुस्कराहट देखकर 
लोग अपना ग़म भी भूल जायेंगें।
28/04/2021/✍️

Thursday, 8 April 2021

सुनो विद्यार्थी

गर्व करे हम सब तुम पर
   तुम ऐसी राह बनाते चलना,
   शीश उठा कर हम भी गा ले
   ऐसे गीत बनाते चलना,
   हर राह तेरी विश्वास भरी
   हर शिखर तेरा गुरूर है,
   चुनौतियां तेरी संघर्षं भरी
   हर मंजिल तेरा तोहफा है,
   डरना, झुकना क्या होता है?
   क्या होता है  घबराना ??
   जब जब  संकट आये तुझ पर
   कभी ना तू पीछे हटना,
  शिक्षा और संस्कारों का तू
  तालमेल बैठा के चलना,
  शीश उठा कर हम भी गा ले
  ऐसे गीत बनाते चलना

----- इंदु आचार्य/07/04/2021

"नवीनता में निरन्तरता"

"नवीनता में निरन्तरता"

नवीन सुप्रभात हो आई है
वो भरमार नवीनता लाई है,
 नवीन लालिमा, नवीन किरण
 वो नवीन रोशनी धरती तक,
नवीन उमंग, नवीन तरंग
वो मृदंग बाजे दूर तलक,
नवीन साधना, नवीन भावना
वो सुंदर अभिव्यक्ति गहरे तक
नवीन कागज, नवीन कलम
वो प्रेमन रचना छूती मन,
नवीन पात और नवीन कोंपले
देखो, पवन चलीं हौले हौले,
नवीन गद्य वो नवीन पद्य
वो नया नया सा हर एक छन्द,
नवीन भजन और प्रभु स्मरण
वो सच्ची प्रार्थना ईश्वर तक,
कहे रत्नाकर 'ओ' नवीन लहर
आहिस्ता उठो ये है नवीन डगर,
नवीन चेतना, खुशी, मौन संग
आनंद समाया अन्तर्मन तक,
उतरे आचरण में नवीन विचार
तत्पर है करने परोपकार
मेरा 'मै' भी नूतन होकर
मुक्त हुआ है, परमसत्य में।
हुआ नवीन सृजन, नये उद्गार
वो नया उत्साह अम्बर तक।
--- इंदु आचार्य ✍️
---०९/०४/२०२१