याद करो, दिये थे कुछ शब्द हमने,
अपने प्यार का विस्तार करने को,
राजी भी थे,
तुझ आकाश की धरती बनने को,
पर... अब किससे कहे,
अपने आँसू चुनने को,
हर इंतजार के लम्हें में,
एक आस छुपी थी हमारी,
सच कहे... पर सीख गये,
हम खुद को समझाकर
हर पल आगे बढ़ने को,
.....और सीखा गये वो कि
हमारी उम्मीद पर खरा उतरना,
पर हमसे उम्मीद ना करना,
इस अनोखी दुनिया का
बस यही एक तोहफा है,
खूब लुटाया अपनापन,
फिर भी लोग खफा है,
हर शख्स अकेला है,
.....फिर कहती हूं,
.....याद करो,
दिये थे हमने भी कुछ शब्द,
अपने प्यार का विस्तार करने को,
.....यह जवाब है,
तेरी कही, अनकही बातों का,
जो बैचेन था, बयां होने को...
Very nice heart touching feeling
ReplyDeleteThanks a lot
Deletebeautiful lines!!
ReplyDeleteThanks ajay ji
DeleteVery beautiful
ReplyDeleteBahut khub likha hai
ReplyDeleteHeart touching
शुक्रिया आपका
Deleteअति सुंदर रचना
ReplyDeleteधन्यवाद जी
Deleteबहुत सुन्दर भाव मे व्यक्त कीया है दीदी
ReplyDeleteबहुत बहुत शुक्रिया आपका🙏
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